मोड़ लू मुह तेरे अक्स से भी ,
पर मेरी आँखों की जंजीरें तेरे हाथों में है ....
रिहा कर दू तुझको अपनी यादों से भी ,
पर तेरे एहसास की खुशबू मेरे ख्वाबों में है .....
हुआ है ये हिसाब ही कुछ ऐसे कि ,
खो गई है मेरी नींद भी ,
और तेरी तस्वीर सिरहाने के पास में है .....
की है रंजिश इरादों ने हिम्मत से ,
हुई है साजिश जस्बातों के पैमानों से ,
देखि है मन्नत उस मज़ार में कुछ ऐसे कि ,
नाम है लिखा तेरा भी ,
और स्याही लगी मेरे हाथ में है .....
पिरोई है काँटों की माला अपने हाथों से ,
बिखेरी है खुशियों की रंगोली अपने क़दमों से ,
किया है अपना हाल कुछ ऐसे कि ,
मुरझा गईं हैं हसरतें फिर भी ,
तेरे चेहरे का नूर मेरी आँखों में है ........
पर मेरी आँखों की जंजीरें तेरे हाथों में है ....
रिहा कर दू तुझको अपनी यादों से भी ,
पर तेरे एहसास की खुशबू मेरे ख्वाबों में है .....
हुआ है ये हिसाब ही कुछ ऐसे कि ,
खो गई है मेरी नींद भी ,
और तेरी तस्वीर सिरहाने के पास में है .....
की है रंजिश इरादों ने हिम्मत से ,
हुई है साजिश जस्बातों के पैमानों से ,
देखि है मन्नत उस मज़ार में कुछ ऐसे कि ,
नाम है लिखा तेरा भी ,
और स्याही लगी मेरे हाथ में है .....
पिरोई है काँटों की माला अपने हाथों से ,
बिखेरी है खुशियों की रंगोली अपने क़दमों से ,
किया है अपना हाल कुछ ऐसे कि ,
मुरझा गईं हैं हसरतें फिर भी ,
तेरे चेहरे का नूर मेरी आँखों में है ........