कुछ अश्क पलकों पे ,
कुछ लफ्ज़ होटों पे बाकी हैं
कुछ हर्फ़ बाकी हैं लिखने
को यादें पुरानी
वो कहानी
तुम्हारी मनमानी
अभी भी बाकी हैं !!
कहता था मै जो रातों से
वो शिकवे
कहती थी तुम जो सितारों से
वो शिकायतें
उन जागी रातों के सवेरे बाकी हैं !!
ढूंडता था मै जिसे धुप में
मांगती थी तुम जिसे अक्सर दुआओं में
वो बारिश की बुँदे बाकी हैं !!
लौट आना तुम जाओ जहाँ
वो भरोसे में शिकंद बाकी हैं
मेरा इंतजार बाकी है
तुम्हारी तड़प बाकी है
अब बस ये उम्र जी रही है
जिसे ढलना बाकी है !!
अब इस जिस्म को मै बेच भी दूं
इस दुनिया में लेकिन
इन आँखों में तेरी
आंखिरी झलक बाकी है !!
अब छोड़ भी दो मुझे
क्यों सताते हो इतना
तुम्हारी यादें तो नहीं हैं
पर ये क्या है जो बाकी है !!
कुछ लफ्ज़ होटों पे बाकी हैं
कुछ हर्फ़ बाकी हैं लिखने
को यादें पुरानी
वो कहानी
तुम्हारी मनमानी
अभी भी बाकी हैं !!
कहता था मै जो रातों से
वो शिकवे
कहती थी तुम जो सितारों से
वो शिकायतें
उन जागी रातों के सवेरे बाकी हैं !!
ढूंडता था मै जिसे धुप में
मांगती थी तुम जिसे अक्सर दुआओं में
वो बारिश की बुँदे बाकी हैं !!
लौट आना तुम जाओ जहाँ
वो भरोसे में शिकंद बाकी हैं
मेरा इंतजार बाकी है
तुम्हारी तड़प बाकी है
अब बस ये उम्र जी रही है
जिसे ढलना बाकी है !!
अब इस जिस्म को मै बेच भी दूं
इस दुनिया में लेकिन
इन आँखों में तेरी
आंखिरी झलक बाकी है !!
अब छोड़ भी दो मुझे
क्यों सताते हो इतना
तुम्हारी यादें तो नहीं हैं
पर ये क्या है जो बाकी है !!
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